समय बलवान है
कैसी ज़िन्दगी है ये न जाने कहा खो रहे है सब ! कभी कभी लगता है इतना दर्द क्यों है ज़िन्दगी में की खुद को खोते जा रहे है सब ! एक किस्सा है जो आज में सबके साथ शेयर करना चाहती हु ! बहुत ही सुन्दर रिश्ता होता है दोस्ती जो बहुत ही किस्मत वालो के नसीब में होता है ! कई बार हम अपने दोस्तों से दूर हो जाते है कई बार वजह यातो वक्त होता है , या परिस्थिति या फिर इंसान खुद ! में एक बार अपनी दोस्त के लिए चिंतित थी , वो कही परेशान थी उसकी निजी ज़िन्दगी से , मैंने कई बार उससे बात करने की कोशिश की लेकिन वो करना ही नहीं चाहती बस दूर जाना चाहती है सब से ! बहुत कोशिशों के बाद वो मुझे बताती है की मुझे किसी से बात करने का अब मन नहीं करता ! मैंने बड़े प्यार से पूछा क्यों तेरा बात करने का मन नहीं करता , उसने बताया की उसे नहीं मालूम ! वो नहीं समझ पा रही है की वो क्यों ऐसी हो रही है ! मैंने उससे सवाल किया की क्या तू खुश है ! वो कही हां , में खुश हु ! तो मेरे मन में आया की अगर इंसान खुश है तो ज़रूरी क्या है की वो सब से बात करे की खुश रहे ! अगर वो खुश है तो चिंता की तो कोई बात ही नहीं है ! लेकिन कही न कही वो दोस्ती सवाल उठा देती है की जब तू खुश है तो क्यों तू मुझसे भी बात नहीं कर रही है ! हालाकि आज तक मेने उसको नहीं पूछा की क्यों सब से दूर हो रही है पर आज भी एक सवाल है मन में की क्या वो सचमे खुश है ? क्या मैं सच में उसकी दोस्त हु या थी ? क्या कभी में उसके लिए ज़रूरी थी ! ऐसे कई सवाल मेरे मन में आज भी है !
क्या आपके मन में भी ये सवाल आते है ! तो कोई बात नहीं , ये तो सच है जीवन का ! कभी कभी चीज़े हमारे हाथ में नहीं होती ! जो हम कर सकते है वो सिर्फ ये की हम अपना शत प्रतिशत दे ताकि बाद में कभी कही ये न रह जाए यार में कोशिश कर लेता या कर लेती ! बहुत सी स्थिति में ये होता है की सामने वाला उस परिस्थति में नहीं होता है की सही गलत की पहचान कर सके , लेकिन आप तो इतना कर सकते है की उसको समझे , वक्त दे !
कहते है समय सब सीखा देता है , और जब तक हम खुद नहीं चाहेंगे कुछ तो हम कुछ हासिल कभी कर भी नहीं कर पाएंगे ! मैं तो आज भी सोचती हु की ये इंसान भी कैसा फरिश्ता है भगवान का , कभी क्या कभी क्या ! इसीलिए चीज़ो को वक्त पर छोड़ देना ही बेहतर है ! आपके चाहने न चाहने से चीज़े नहीं होती पर है आपके चाहने से चीज़े बदल ज़रूर सकती है !
सिर्फ इतना ही कहूँगी की अगर आप ये पढ़ रहे है और अगर कही आपके साथ ऐसा हुआ है या हो रहा है , भरोसा रखिए , वक्त बहुत ताकतवर है वही होगा जो होना होगा , फर्क इतना है आप जो करना चाहते है उसको किस तरह करना है वो आप निर्धारित करते है उससे क्या होगा वो समय निर्धारित करता है !
दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो कभी न ख़तम होता है , न ही कभी टूट ता है , बस दूरिया आ जाती है !
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